Wednesday, August 25, 2010

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RAMAYAN JI KI AARTI
आरती श्री रामायण जी की

आरती श्री रामायण जी की
कीरति कलित ललित सिया पी की. आरती श्री …
गावत ब्राह्मादिक मुनि नारद
बालमीक बिग्यान बिसारद.
सुक सनकादिक सेष अरु सारद
बरनि पवनसुत कीरति नीकी. आरती श्री …
संतन गावत संभू भवानी
अरु घट संभव मुनि बिग्यानी
ब्यास आदि कबिबर्ज बखानी
कागभुसुंड़ि गरुड़ के ही की. आरती श्री …
चारों बेद पुरान अष्टदस
छओं सास्त्र सब ग्रंथन को रस
तन, मन, धन संतन सरबस
सार अंस संमत सबही की. आरती श्री …

कलिमल हरनि विषय रस फ़ीकी
सुभग सिंगार मुक्ति ज्योति की
हरणी रोग भव मूरि अमी की
तात मात सब बिधि तुलसी की. आरती श्री …

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