Wednesday, August 25, 2010

Totalbhakti

SHANI DEV JI AARTI
शनि देव की आरती

जय जय जय श्री शनि देव भक्तन हितकारी
सूर्य पुत्र प्रभुछाया महतारी. जय जय जय शनि देव.
श्याम अंग वक्र-दृष्टि चतुर्भुजा धारी,
नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी. जय...
क्रीट मुकुट शीश राजित दिपत है लिलारी
मुक्तन की माल गले शोभित बलिहारी. जय ...
मोदक मिश्ठान पान चढ़त हैं सुपारी
लोहा तिल तेल उड़द महिशी अति प्यारी. जय ...
देव दनुज ऋषि मुनि सुमिरत नर नारी
विशवनाथ धरत ध्यान शरन हैं तुम्हारी. जय ...

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